मुंबई : राष्ट्रवादी आमदारों की अपात्रता पर निर्णय लेने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. विधानसभा के अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने वोटिंग का आयोजन किया है. इसी में विधानसभा के अध्यक्षों ने बड़ा निर्णय लिया है. आमदारों की संख्या पर किसका निर्णय होगा, इसे राहुल नार्वेकर ने स्पष्ट किया है. इसके अलावा, शरद पवार ने कब तक राष्ट्रवादी के अध्यक्ष रहे थे? और राष्ट्रवादी में कब दो गट पड़े? इस पर विधानसभा के अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने बयान दिया है. राष्ट्रवादी पक्ष का अजितदादा के नाम पर होगा, यह इतिहासी निर्णय भी राहुल नार्वेकर ने लिया.
विधानसभा के अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने वोटिंग की शुरुआत की. इस दौरान उन्होंने कुछ मुद्दों पर विचार किया. इस पक्ष में कोई भी फूट नहीं पड़ी है. लेकिन राष्ट्रवादी में दो गट तैयार हुए हैं. प्राथमिक स्तर पर मैं पक्षीय रचना, घटना और विधीमंडळ की बल पर मत देता हूं, इस त्रिसूत्री पर मेरा मत नोट किया गया है, ऐसा सांगतानिक जून 2023 तक शरद पवार राष्ट्रवादी के अध्यक्ष थे. उन्होंने पहले ही अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था. उन्होंने इसे इस्तीफा भी मागा था, ऐसा राहुल नार्वेकर ने कहा है. अजित पवार गट मुख्य राजनीतिक पक्ष हैं. संख्याबळ और पक्षीय संरचना की दृष्टि से अजितदादा का पक्ष मुख्य राष्ट्रवादी है, ऐसा निर्णय विधानसभा के अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने लिया है.
Maharashtra Assembly Speaker Rahul Narwekar decides that Ajit Pawar faction is the ‘real NCP’ political party. Decision was based on the factor of legislative majority. pic.twitter.com/HH6ab2jDVl
— ANI (@ANI) February 15, 2024
दोनों गटों पर दावा…
सच्ची राष्ट्रवादी किसकी? यह सवाल है. दोनों गटों से दावा करने के बाद पक्ष किसका है, यह पक्ष का संविधान, विधीमंडळ की संख्या पर निर्धारित किया जाता है. उनके अनुसार आज का निर्णय लिया जा रहा है, ऐसा राहुल नार्वेकर ने कहा है.
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घटनाओं के बारे में वाद नहीं
राष्ट्रवादी कांग्रेस की घटना सबसे महत्वपूर्ण है. दोनों गटों ने इसे बांध लिया है. राष्ट्रवादी के बारे में किसी भी वाद नहीं है. 30 जून 2023 को इस पक्ष में फूट डाली गई थी. इस प्रकार, नेतृत्व के बारे में पक्ष क्या कहता है, यह महत्वपूर्ण है. अध्यक्ष, कार्यसमिति और राष्ट्रीय समिति यह पक्ष की निर्णायक पद्धति दर्शाते हैं, ऐसा राहुल नार्वेकर ने कहा है. इसके अलावा, शरद पवार गट ने प्रतिनिधि को निर्वाचित किया, किसी भी पुरावे को दिया नहीं है, ऐसा ही नार्वेकर ने कहा है.
उन्हें मान्यता नहीं है
शिवसेना के संदर्भ में मैंने दिया गया निर्णय यहां देना आवश्यक है. राष्ट्रवादी पक्ष में अध्यक्ष पद पर दोनों से दावा किया जा रहा है. दोनों गटों से पक्ष के निर्णय किया जाता है कि अध्यक्ष चयनित हुआ है या नहीं, ऐसा निर्णय लिया जाता है. दोनों समानतर नेतृत्व होते हैं. इसके साथ ही दोनों गटों से अपात्रता की याचिका दाखिल की गई है. एनसीपी कार्यसमिति इस पक्ष की सबसे उच्च यंत्रणा है. उसमें 16 स्थायी सदस्य होते हैं. लेकिन पक्ष की घटना स्थायी सदस्यों को मंजूरी नहीं देती है, ऐसा ही नार्वेकर ने कहा है.
#WATCH | Maharashtra: On meeting Asha workers, NCP (Sharadchandra Pawar) MP Supriya Sule says, “…I have come here like a sister. It is everyone’s responsibility to stand with them given the injustice that is happening to them…” pic.twitter.com/Nsh4zBHQVO
— ANI (@ANI) February 15, 2024
