मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। Sanjay Raut द्वारा दायर आपराधिक मानहानि मामले में मझगांव मजिस्ट्रेट कोर्ट ने Nitesh Rane के खिलाफ जमानती वारंट जारी कर दिया है। यह कार्रवाई तब हुई जब राणे लगातार दो सुनवाई पर अदालत में पेश नहीं हुए।
क्या है पूरा विवाद?
यह मामला 7 मई को दिए गए नितेश राणे के एक बयान से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि संजय राउत 10 जून तक Nationalist Congress Party (NCP) में शामिल हो जाएंगे। इस बयान को अपनी छवि को नुकसान पहुंचाने वाला बताते हुए संजय राउत ने उनके खिलाफ आपराधिक मानहानि का मुकदमा दायर किया।
कोर्ट में क्या हुआ?
मामले की सुनवाई मझगांव मजिस्ट्रेट कोर्ट में चल रही थी। इसी दौरान नितेश राणे ने सेशंस कोर्ट में याचिका दाखिल कर केस को किसी दूसरी अदालत में ट्रांसफर करने की मांग की। हालांकि, सेशंस कोर्ट ने इस याचिका को खारिज कर दिया, जिसके बाद सुनवाई मझगांव कोर्ट में ही जारी रही।
क्यों जारी हुआ जमानती वारंट?
कोर्ट के समन के बावजूद नितेश राणे लगातार दो तारीखों पर पेश नहीं हुए। इसे गंभीरता से लेते हुए मझगांव कोर्ट ने उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी कर दिया।
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लिहाजा अब नितेश राणे को अदालत में पेश होकर जमानत लेनी होगी। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ आगे कड़ी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
