पीएम मोदी ने क्या कहा?
पीएम मोदी ने आगे कहा, ‘मैं जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोगों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि आपके सपनों को पूरा करने के लिए हमारी प्रतिबद्धता अटल है।’ हम यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि प्रगति का लाभ न केवल आप तक, बल्कि हमारे समाज के सबसे कमजोर और वंचित वर्गों तक भी पहुंचे, जो अनुच्छेद 370 के तहत पीड़ित हैं। आज का फैसला सिर्फ कानूनी फैसला नहीं है बल्कि यह आशा की किरण है। उज्जवल भविष्य का वादा है और एक मजबूत, एकीकृत भारत के निर्माण के हमारे सामूहिक संकल्प का प्रमाण है।
अमित शाह ने क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत: नड्डा
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि ‘बीजेपी धारा 370 को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करती है। सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने अनुच्छेद 370 और 35ए को हटाने के फैसले, इसकी प्रक्रिया और उद्देश्य को बरकरार रखा है। प्रधानमंत्री मोदी की सरकार ने जम्मू-कश्मीर को देश की विचारधारा की मुख्यधारा में शामिल करने का ऐतिहासिक काम किया है। जिसके लिए मैं और हमारे लाखों कार्यकर्ता प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हैं।
महाराजा हरि सिंह के बेटे ने क्या कहा?
कांग्रेस नेता और महाराजा हरि सिंह के बेटे करण सिंह ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है। मैं इस फैसले का स्वागत करता हूं। अब यह स्पष्ट है कि जो हुआ वह संवैधानिक रूप से वैध था। मैं पीएम मोदी से जल्द से जल्द राज्य का दर्जा बहाल करने का अनुरोध करता हूं।’
डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी के अध्यक्ष गुलाम नबी आजाद ने नाराजगी जताते हुए कहा, ‘हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले से निराश हैं। नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने कहा, ‘मैं निराश हूं, लेकिन संघर्ष जारी रहेगा। ‘
वहीं पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा, ‘धैर्य मत खोएं, उम्मीद मत खोएं, जम्मू-कश्मीर ने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं।’ सुप्रीम कोर्ट का आज का फैसला एक कठिन कदम है, मंजिल नहीं। हमारे विरोधी सोचते हैं कि हमें उम्मीद छोड़ देनी चाहिए और इस हार को स्वीकार कर लेना चाहिए। यह हमारी हार नहीं बल्कि देश के धैर्य की हार है।
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, ‘हम इस फैसले से संतुष्ट नहीं हैं, कश्मीर हमेशा से भारत का अभिन्न अंग रहा है। अब भविष्य में बीजेपी को कोलकाता, चेन्नई, हैदराबाद और मुंबई को केंद्र शासित प्रदेश बनाने से कोई नहीं रोक पाएगा। लद्दाख में डोगरा और बौद्ध सबसे अधिक प्रभावित होंगे।
