मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) की H-East वार्ड की सहायक आयुक्त मृदुला लक्ष्मीकांत अंडे कथित फर्जी जाति प्रमाणपत्र मामले को लेकर विवादों में घिर गई हैं। मामले में शिंदे सेना से जुड़े एक पदाधिकारी ने BMC आयुक्त को लिखित शिकायत सौंपकर तत्काल जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग की है। शिकायत सामने आने के बाद BMC प्रशासन में हलचल तेज हो गई है।
“महादेव कोली” प्रमाणपत्र के आधार पर नौकरी लेने का आरोप
शिकायतकर्ता का आरोप है कि संबंधित अधिकारी ने कथित तौर पर “महादेव कोली” अनुसूचित जनजाति (ST) का प्रमाणपत्र प्रस्तुत कर सरकारी सेवा में नियुक्ति प्राप्त की और बाद में पदोन्नति समेत अन्य आरक्षण लाभ भी हासिल किए। शिकायत में कहा गया है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह न केवल आरक्षण व्यवस्था के दुरुपयोग का मामला होगा बल्कि वास्तविक आदिवासी समुदाय के अधिकारों का भी उल्लंघन माना जाएगा।
BMC आयुक्त समेत कई अधिकारियों को भेजा गया पत्र
मामले को लेकर शिकायतकर्ता ने BMC आयुक्त, अतिरिक्त आयुक्तों, दक्षता विभाग, उप-महानगरपालिका आयुक्तों और स्थायी समिति की चेयरपर्सन संगीता शर्मा को भी पत्र भेजा है। शिकायत में संबंधित जाति प्रमाणपत्र की सत्यता की विस्तृत जांच कराने और दोषी पाए जाने पर सख्त प्रशासनिक एवं कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
संगीता शर्मा ने कहा- गलत लाभ लेने वालों पर हो कार्रवाई
Sangeeta Sharma ने प्रारंभिक प्रतिक्रिया में कहा कि यदि किसी ने फर्जी प्रमाणपत्र के जरिए कोली समाज के आरक्षण अधिकारों का गलत लाभ लिया है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने मामले की जानकारी लेने की पुष्टि भी की है।
BMC प्रशासन की ओर से अभी तक आधिकारिक बयान नहीं
हालांकि, अब तक BMC प्रशासन या संबंधित अधिकारी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। सूत्रों के मुताबिक मामला फिलहाल प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया में है, इसलिए अधिकारी सार्वजनिक टिप्पणी से बच रहे हैं।
जांच पर टिकी सबकी नजर
मामले के मीडिया में आने के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि BMC प्रशासन इस संवेदनशील शिकायत पर क्या कार्रवाई करता है और जांच में लगाए गए आरोप सही साबित होते हैं या नहीं।
