गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर स्थित दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में छात्रों के आंदोलन के दौरान मंगलवार को माहौल तनावपूर्ण हो गया। प्रशासनिक भवन के बाहर भूख हड़ताल कर रहे छात्रों और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच विवाद के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। इसी दौरान एक सब इंस्पेक्टर का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें वह छात्रों को सख्त लहजे में फोर्स बुलाने की चेतावनी देते सुनाई दे रहे हैं।
वायरल वीडियो में पुलिसकर्मी छात्रों से कहते सुनाई देते हैं—“इतनी फोर्स मंगाउंगा, ठंडा कर दूंगा। गोरखपुर पुलिस है ये, मैं बता दे रहा हूं।” वीडियो सामने आने के बाद पुलिस के रवैये को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं की गई है।
25 अगस्त से धरने पर बैठे हैं छात्र
रिपोर्टों के मुताबिक विश्वविद्यालय के कुछ छात्र अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 25 अगस्त से प्रशासनिक भवन के सामने धरना दे रहे हैं। मांगों पर सुनवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए छात्रों ने करीब चार दिन पहले भूख हड़ताल शुरू कर दी थी। छात्र नेता सतीश प्रजापति समेत अन्य छात्र आंदोलन में शामिल हैं।
मंगलवार को आंदोलन के दौरान छात्रों ने विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन के दोनों गेटों पर ताला लगा दिया। इससे भवन के अंदर मौजूद कर्मचारियों, शिक्षकों और अन्य लोगों के आवागमन को लेकर स्थिति बिगड़ गई।
प्रॉक्टर को घेरने के बाद बढ़ा विवाद
मामला तब और गरमा गया जब विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर डॉ. वेद प्रकाश राय छात्रों से बातचीत करने के लिए मौके पर पहुंचे। रिपोर्टों के अनुसार, छात्रों और प्रॉक्टर के बीच तीखी बहस हुई और कुछ छात्रों ने उन्हें घेर लिया।
स्थिति बिगड़ने के बाद प्रॉक्टर को वहां से निकलना पड़ा। विश्वविद्यालय के सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें छात्रों के बीच से बाहर निकाला। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। प्रॉक्टर की ओर से कैंट थाने में शिकायत दिए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
पुलिस अधिकारी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
इसी घटनाक्रम के दौरान किसी ने पुलिस अधिकारी का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। वायरल वीडियो में अधिकारी छात्रों के आंदोलन के तरीके पर सवाल उठाते हुए उन्हें चेतावनी देते दिखाई दे रहे हैं।
वीडियो में अधिकारी कहते सुनाई देते हैं कि यह शांतिपूर्ण धरना नहीं है और फिर वह पुलिस बल बुलाने की बात कहते हैं। इसी दौरान उनका कथित बयान “ये गोरखपुर पुलिस है… इतनी फोर्स मंगाउंगा, ठंडा कर दूंगा” सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
वीडियो के सामने आने के बाद छात्र आंदोलन और पुलिस की कार्रवाई को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है।
क्या हैं छात्रों की मांगें?
छात्र नेताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने कई मांगें रखी हैं। इनमें प्रमुख रूप से छात्र हित से जुड़े मुद्दों को उठाने वाले छात्रों के खिलाफ की गई निष्कासन की कार्रवाई वापस लेने, छात्रसंघ चुनाव कराने और छात्रसंघ शुल्क से जुड़े सवालों का समाधान करने की मांग शामिल है।
इसके अलावा परीक्षा एजेंसी तथा डिग्री और अंकपत्र के नाम पर छात्रों से कथित वसूली की जांच, छात्रावासों में मेस एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की गुणवत्ता सुधारने और पीएम-उषा योजना के तहत विश्वविद्यालय में हो रहे कार्यों के आवंटन में पारदर्शिता की मांग भी आंदोलनकारी छात्रों ने उठाई है।
छात्रों का आंदोलन जारी रखने का ऐलान
छात्र नेता सतीश प्रजापति का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा। वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि प्रशासनिक भवन के दोनों गेटों पर ताला लगाए जाने के कारण कर्मचारियों और अन्य लोगों को परेशानी हुई और इसी स्थिति को लेकर विवाद बढ़ा।
फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। सबसे ज्यादा चर्चा पुलिस अधिकारी के कथित “ठंडा कर दूंगा” वाले बयान को लेकर हो रही है।
गोरखपुर पुलिस का पक्ष
पुलिस ने लीड न्यूज़ टुडे को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर रिप्लाई करते हुए यह बताया कि दिनांक 08.09.2026 को गोरखपुर विश्वविद्यालय परिसर में धरने पर बैठे निष्कासित छात्रों द्वारा प्रॉक्टर एवं अन्य सदस्यों से वार्ता की जा रही थी। इसी दौरान कुछ छात्रों द्वारा उग्र होकर प्रॉक्टर से अभद्रता, धक्का-मुक्की एवं मारपीट का प्रयास किया गया, जिस पर मौके पर तैनात पुलिस बल द्वारा तत्काल हस्तक्षेप कर प्रॉक्टर को सुरक्षित बाहर निकाला गया तथा स्थिति को नियंत्रित कर सामान्य किया गया। प्रकरण में जांच एवं आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है।
