मुंबई: मुंबई लोहमार्ग पुलिस(जीआरपी) ने पुलिसकर्मियों और उनके जीवनसाथियों के लिए ‘फिट फोर्स’ प्रशिक्षण का आयोजन किया। मुंबई रेल पुलिस आयुक्त एम. राकेश कलासागर के मार्गदर्शन और त्रिशरण फाउंडेशन की संकल्पना से आयोजित इस दो दिवसीय कार्यक्रम में कुल 50 दंपतियों ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के बीच भावनात्मक संवाद, आपसी समझ और पारिवारिक एकजुटता को मजबूत करना था।
मुंबई में पहली बार परिवार-केंद्रित ‘फिट फोर्स’ प्रशिक्षण
‘फिट फोर्स’ प्रशिक्षण का आयोजन 4 और 5 अगस्त 2026 को मुंबई के घाटकोपर स्थित रेल कॉलोनी मुख्यालय के नवरंग हॉल में किया गया। आयोजकों के अनुसार, पुलिस विभाग में कर्मचारियों को समय-समय पर अलग-अलग तरह के पेशेवर प्रशिक्षण दिए जाते हैं। हालांकि, पुलिसकर्मियों के साथ उनके पति-पत्नी को शामिल कर परिवार की एकजुटता और भावनात्मक संवाद पर केंद्रित प्रशिक्षण का यह एक अनोखा प्रयास है।
इस पहल का उद्देश्य केवल पुलिसकर्मी को बेहतर बनाने के बजाय उसके पूरे परिवार को मजबूत बनाना था।
पुलिस की अनियमित ड्यूटी का परिवार पर पड़ता है असर
पुलिसकर्मियों की ड्यूटी का कोई निश्चित समय नहीं होता। अचानक लगने वाली ड्यूटी, लंबे कार्य घंटे, त्योहारों और छुट्टियों में ड्यूटी तथा बच्चों और परिवार को पर्याप्त समय न दे पाना कई बार पारिवारिक जीवन को प्रभावित करता है।
लगातार व्यस्तता के कारण पति-पत्नी के बीच संवाद कम हो सकता है और परिवार में भावनात्मक दूरी पैदा होने की संभावना रहती है।
इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए त्रिशरण फाउंडेशन ने ‘फिट फोर्स’ प्रशिक्षण की संकल्पना तैयार की। कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि परिवार के सदस्यों के बीच खुला संवाद और सकारात्मक वातावरण पुलिसकर्मी के व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन दोनों के लिए महत्वपूर्ण है।
व्यक्तित्व विकास से लेकर भावनात्मक संवाद तक प्रशिक्षण
दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में व्यक्तित्व विकास, व्यवहार और भावनात्मक संवाद जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन दिया।पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव उज्ज्वल उके ने एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण दिया। वहीं प्रशांत वाघमारे ने व्यक्तित्व विकास और व्यवहार संबंधी विषयों पर प्रशिक्षण दिया।
प्रज्ञा वाघमारे ने पति-पत्नी के बीच भावनात्मक संवाद और पारिवारिक एकजुटता से जुड़े विषयों पर प्रशिक्षण दिया। कार्यक्रम में मुंबई लोहमार्ग पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
50 पुलिस परिवारों ने लिया हिस्सा
‘फिट फोर्स’ प्रशिक्षण में कुल 50 पुलिस दंपतियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान पुलिसकर्मियों और उनके जीवनसाथियों को परिवार में संवाद बढ़ाने, एक-दूसरे की भावनाओं को समझने और सकारात्मक पारिवारिक वातावरण बनाए रखने के तरीकों के बारे में बताया गया।
आयोजकों का कहना है कि पुलिसकर्मी समाज की सुरक्षा के लिए लगातार काम करते हैं। ऐसे में उनके अपने परिवार को भावनात्मक रूप से मजबूत रखना भी पुलिस बल को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
कार्यक्रम को सफल बनाने में इन अधिकारियों की भूमिका
कार्यक्रम को सफल बनाने में वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक ज. बा. तांबोळी, लोकमान्य तिलक टर्मिनस रेल पुलिस थाना, मुंबई लोहमार्ग का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इसके अलावा पुलिस निरीक्षक हमराज कुंभार (मानवीय संसाधन शाखा), पुलिस निरीक्षक रामचंद्र कर्पे (वाचक शाखा), पुलिस उपनिरीक्षक हनुमंत संभाजी धाईंजे, श्रेणी पीएसआई शीतल साप्ते, महिला पुलिस हवलदार रीया सावंत और सहायक पुलिस फौजदार सुदेश गोलतकर ने कार्यक्रम के आयोजन और संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रशिक्षण पूरा होने पर प्रमाणपत्र वितरित
दो दिवसीय प्रशिक्षण के समापन पर एसीपी, सीएसएमटी विभाग सुधाकर शिरसाठ के हाथों प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। समापन कार्यक्रम के दौरान कई पुलिस दंपतियों ने अपने अनुभव साझा किए। प्रशिक्षणार्थियों ने कहा कि उन्हें पहली बार इस तरह के कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिला, जिसमें परिवार और रिश्तों को लेकर खुलकर संवाद किया गया।
पुलिस परिवारों ने कहा कि रोजमर्रा की जिंदगी में होने वाले छोटे-छोटे संवाद भी पति-पत्नी और परिवार के सदस्यों के बीच नजदीकी बढ़ा सकते हैं।
प्रशिक्षणार्थियों ने मुंबई रेल पुलिस आयुक्त की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि पुलिसकर्मियों के साथ उनके परिवारों के बारे में भी सोचने की यह पहल उन्हें भावुक करने वाली रही।
‘परिवार मजबूत होगा तो पुलिस बल भी मजबूत होगा’
‘फिट फोर्स’ प्रशिक्षण का मूल उद्देश्य पुलिसकर्मियों के पारिवारिक जीवन को मजबूत बनाना और उनके काम तथा निजी जीवन के बीच बेहतर संतुलन बनाने में मदद करना रहा।
पुलिसकर्मी जब सामाजिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाते हैं, तब उनके परिवार भी अप्रत्यक्ष रूप से इस जिम्मेदारी का हिस्सा बनते हैं। ऐसे में परिवार और पुलिसकर्मी के बीच मजबूत भावनात्मक संबंध पुलिस बल के मनोबल को भी बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं।
दो दिवसीय ‘फिट फोर्स’ प्रशिक्षण प्रमाणपत्र वितरण के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। आयोजकों के मुताबिक, भविष्य में इस तरह के परिवार-केंद्रित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की आवश्यकता और बढ़ सकती है।
