मुंबई: मायानगरी मुंबई, ठाणे और नासिक की सड़कों पर इन दिनों ‘Nation First’ थीम वाले Gen Z पोस्टर चर्चा का विषय बने हुए हैं। इन पोस्टरों में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, लोकतंत्र और छात्रों की आवाज़ जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया है। पोस्टरों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं, जिसके बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में नई बहस छिड़ गई है।
शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य पर केंद्रित संदेश
पोस्टरों पर लिखे संदेश युवाओं की अपेक्षाओं और बुनियादी सुविधाओं की मांग को सामने रखते हैं। एक पोस्टर में लिखा है, “जब मिले शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और मकान, मोदी जी तभी मिलेगा सम्मान।” वहीं दूसरे पोस्टर में “शिक्षा का मान, भारत सरकार का सम्मान” का संदेश दिया गया है।
संविधान, लोकतंत्र और छात्रों की आवाज़ पर जोर
कई पोस्टरों में “Don’t Silence Students, Listen to Students”, “I am Gen Z, I Stand for the Constitution”, “Gen Z Demands Dialogue, Not Drama”, “Gen Z Stands for Democracy” और “We’ll Never Stay Silent” जैसे संदेश लिखे गए हैं। इन संदेशों के जरिए छात्रों की आवाज़ सुने जाने, लोकतांत्रिक संवाद और संविधान के प्रति प्रतिबद्धता पर जोर दिया गया है।
‘भारत से प्यार के लिए प्रमाणपत्र की ज़रूरत नहीं’
एक अन्य पोस्टर में लिखा है, “I don’t need anyone’s certificate to love my India.” यानी “मुझे अपने भारत से प्यार करने के लिए किसी के प्रमाणपत्र की ज़रूरत नहीं है।” यह संदेश भी सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किया जा रहा है और लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
कौन चला रहा है यह पोस्टर अभियान?
इन पोस्टरों में छात्र आंदोलनों से जुड़ी तस्वीरों का इस्तेमाल किया गया है। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इस अभियान के पीछे कौन-सा संगठन, समूह या व्यक्ति है। किसी भी संगठन ने आधिकारिक रूप से इसकी जिम्मेदारी नहीं ली है।
सोशल मीडिया से राजनीतिक गलियारों तक चर्चा
मुंबई, ठाणे और नासिक में एक साथ इन पोस्टरों के दिखाई देने के बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे युवाओं की आवाज़ और लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे राजनीतिक संदेश वाला अभियान मान रहे हैं। फिलहाल, पोस्टर लगाने वालों की आधिकारिक पहचान सामने नहीं आई है। ऐसे में यह पोस्टर अभियान राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
