मुंबई: महाराष्ट्र के वित्त और अल्पसंख्यक विकास मंत्री अब्दुल सत्तार (Abdul Sattar) का एक और कारनामा लोगों को देखने को मिला है। लावणी डांसर गौतमी पाटिल के जन्मदिन कार्यक्रम में कुछ युवाओं ने हंगामा किया। उन्हें रोकने के लिए मंत्री अब्दुल सत्तार ने पुलिस को लाठीचार्ज करने का आदेश दिया। चौंकाने वाली बात यह है कि मंत्री अब्दुल सत्तार पुलिस से लोगों को कुत्तों की तरह मारने और उनकी कमर तोड़ देने की बात कह रहे हैं। हैरानी की बात है कि जब 1,000 पुलिसकर्मी हैं तो 50,000 लोगों को मारने का क्या मतलब है?
ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि अब्दुल सत्तार मंत्री है या फिर कोई गुंडा? क्या मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे अब्दुल सत्तार के खिलाफ कार्रवाई करने का साहस दिखाएंगे? यह तीखा सवाल महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता अतुल लोंढे ने महाराष्ट्र सरकार से पूछा है।
एकनाथ शिंदे सरकार के मंत्रियों पर चढ़ा सत्ता का नशा
मंत्री अब्दुल सत्तार और शिंदे सरकार पर निशाना साधते हुए अतुल लोंढे ने आगे कहा कि बीजेपी के नेतृत्व वाली शिंदे सरकार के आने के बाद से सत्ताधारी मंत्रियों, विधायकों और सांसदों पर सत्ता का नशा चढ़ गया है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की पार्टी शिवसेना के कैबिनेट मंत्री अब्दुल सत्तार ने सिल्लोड में गौतमी पाटिल का कार्यक्रम आयोजित किया। इसी कार्यक्रम में कुछ युवकों ने हंगामा कर दिया। अपने द्वारा आयोजित कार्यक्रम में अव्यवस्था होते देख मंत्री जी तिलमिला गए और सीधे पुलिस को लाठीचार्ज का आदेश दे दिया।
शिंदे गटाचे मंत्री अब्दुल सत्तार यांच्या वाढदिवसानिमित्ताने आयोजित करण्यात आलेल्या गौतमी पाटीलच्या कार्यक्रमात लाठीचार्ज करण्यात आला आहे. सिल्लोड या ठिकाणी गौतमी पाटीलचा कार्यक्रम सुरू असताना काही तरुणांनी हुल्लडबाजी केली, त्यानंतर संतापलेल्या अब्दुल सत्तारांनी पोलिसांना… pic.twitter.com/BsECWXQ5s9
— Atul Londhe Patil (@atullondhe) January 4, 2024
पुलिस ने मंत्री के आदेश पर लाठीचार्ज भी कर दिया। अब सवाल उठ रहे कि क्या पुलिस का काम मंत्री के जन्मदिन समारोह में सिर्फ लोगों को संभालने का रह गया है। अब्दुल सत्तार की भाषा को देखकर लगता है कि वह मंत्री बनने लायक नहीं हैं लेकिन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार में इस तरह के मंत्रियों के खिलाफ एक्शन लेने की हिम्मत नहीं है।
विवादास्पद मंत्री हैं अब्दुल सत्तार
अतुल लोंढे ने कहा कि सत्तार विवादास्पद मंत्री हैं। उनका नाम टीईटी घोटाला और 37 एकड़ गायरान भूमि घोटाला में आया था। कृषि मंत्री रहते हुए फर्जी छापेमारी वसूली में भी उनका नाम आया था। सत्तार ने एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले के बारे में भी अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया था। प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता ने कहा कि अब्दुल सत्तार पर फिलहाल सत्ता का नशा छाया हुआ है। लेकिन अब जनता ऐसे मस्त और अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करने वाले मंत्रियों को घर बैठा देगी।
