मुंबई: देश की राजधानी दिल्ली और महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई दोनों शहरों में प्रदूषण सचमुच चरम पर पहुंच गया है। दोनों शहरों की हवा बेहद प्रदूषित हो गई है। इससे नागरिकों की जान को खतरा हो सकता है। हवा की गुणवत्ता लगातार खराब होने के कारण लोगों के बीच चिंता का माहौल है। खास बात यह है कि अभी दिवाली का त्योहार चल रहा है। दिवाली पर लोग पटाखे फोड़ते हैं जिसका असर मुंबई की हवा पर पड़ा है।
प्रदूषण और पटाखों के धुएं के कारण पहले ही मुंबई के कई हिस्सों से आवारा कुत्ते और पक्षी गायब हो गए हैं। दिवाली के बाद मुंबई में हवा की गुणवत्ता 288 दर्ज की गई है। यह हवा ख़तरनाक और जानलेवा है। सवाल यह भी है कि क्या हम वाकई में सांस ले रहे हैं या फिर सिगरेट के धुएँ की तरह ज़हर भरी सांस ले रहे हैं?
मुंबई की हवा बुजुर्गों को और बच्चों के लिए घातक!
जानकारी सामने आई है कि मुंबईवासियों ने दिवाली पर सिर्फ 24 घंटे में 150 करोड़ के पटाखे फोड़ें हैं। दिवाली की रात मुंबई में हर तरफ धुआं ही धुआं था। जहां दिल्ली की हालत प्रदूषण से पहले ही खराब हो चुकी है। वहीं मुंबई का AQI(एयर क्वालिटी इंडेक्स) 288 दर्ज किया गया। ऐसी हवा छोटे बच्चों के साथ-साथ बुजुर्गों के लिए खतरनाक है। AQI से यह पता चलता है कि हवा में कितना प्रदूषण है।
AQI का मतलब वायु गुणवत्ता सूचकांक है। अगर AQI 0 से 50 के बीच है तो हवा अच्छी श्रेणी में है, 51 से 100 के बीच है तो मीडियम (मध्यम) है। अगर यह 101 से 200 के बीच है तो खतरनाक है। वहीं 201 से 300 के बीच अत्यधिक खतरनाक है और 300 से 500 जानलेवा है।
पटाखों के धुएं से मुंबई की हवा हुई जहरीली
एक दिन पहले के आंकड़ों के मुताबिक, मुंबई का AQI 288 यानी बेहद हानिकारक था। वहीं दिल्ली की बात करें तो वहां AQI 421 तक पहुंच गया। यानी वहां की हवा मुंबई से भी ज्यादा खतरनाक है। नियम के मुताबिक, मुंबई में पटाखे फोड़ने का समय शाम 7 बजे से रात 10 बजे तक था लेकिन मुंबई के कुछ हिस्सों में रात 2 बजे तक पटाखे फोड़े गए। हालांकि, रुक-रुक कर हो रही बारिश से मुंबई की हवा में सुधार हुआ है।
