महाराष्ट्र: धुले में दारूबंदी विभाग से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक महिला ड्राइवर ने अपने ही विभाग के अधिकारियों पर शारीरिक उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। इस घटना ने सरकारी दफ्तरों में महिला सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच कमेटी गठित की गई है, जबकि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) ने भी सख्त कार्रवाई की मांग की है।
चार महीनों से उत्पीड़न का आरोप
पीड़ित महिला का आरोप है कि पिछले चार महीनों से ड्यूटी के दौरान उसे लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। महिला ने अपनी शिकायत में विभाग के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों पर बार-बार अभद्र व्यवहार और शारीरिक उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं।
शिकायत में इंस्पेक्टर, सब-इंस्पेक्टर और अन्य स्टाफ के नाम भी शामिल बताए जा रहे हैं, जिनके खिलाफ विभागीय और वरिष्ठ स्तर पर शिकायत दर्ज कराई गई।
शिकायत के बाद हरकत में प्रशासन
मामला वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचने के बाद प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लिया। जिला स्तर पर जांच के आदेश दिए गए और एक कमेटी गठित की गई है, जो पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट सौंपेगी।
ऑडियो क्लिप से बढ़ी गंभीरता
मामले में नया मोड़ तब आया जब आरोपियों से जुड़ा एक कथित ऑडियो क्लिप सामने आया। इसमें पीड़ित महिला के बारे में आपत्तिजनक बातचीत होने का दावा किया जा रहा है।
अगर जांच में यह क्लिप सही पाई जाती है, तो आरोपियों पर कार्रवाई और तेज हो सकती है।
MNS का दबाव, कार्रवाई की चेतावनी
इस मामले को लेकर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने आक्रामक रुख अपनाया है। पार्टी पदाधिकारियों ने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर दोषियों के खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि कार्रवाई न होने पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
महिला सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
धुले की इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या सरकारी दफ्तरों में महिलाएं सुरक्षित हैं? लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों से सिस्टम पर सवाल खड़े हो रहे हैं और सख्त सुधार की मांग तेज हो रही है।
फिलहाल इस मामले में जांच जारी है, लेकिन यह घटना साफ संकेत देती है कि कार्यस्थल पर महिला सुरक्षा को लेकर अब और कड़े कदम उठाने की जरूरत है। अब नजर प्रशासन की कार्रवाई और जांच रिपोर्ट पर टिकी है।
