लखनऊ: समाजवादी पार्टी के सर्वेसर्वा और यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) मध्य प्रदेश का चुनाव प्रचार खत्म कर उत्तर प्रदेश में हैं। अखिलेश यादव भले ही एमपी में चुनाव प्रचार निपटाकर आएं हों लेकिन उन्होंने आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर पार्टी की रणनीति बनाने पर काम शुरू कर दिया है। हालांकि, रणनीति में थोड़ा फेरबदल और थोड़ा फर्क देखने के मिल सकता है। बीते काफी दिनों से कांग्रेस (Congress) के साथ चल रही खटास अब खुलकर सामने आती हुई नजर आ रही है।
कभी राहुल गांधी के साथ मिलकर बीजेपी (BJP) को हराने का मंसूबा पालने वाले अखिलेश यादव के एजेंडे में अब कांग्रेस का साथ नहीं है। फिलहाल उनका पूरा ध्यान अपनी पार्टी की चुनावी तैयारी पर है। अखिलेश यादव अब चुनाव में ऐसे उम्मीदवारों कि तलाश में जुटे हुए हैं जो जीतने का माद्दा रखते हों। हालांकि, इस पर बीते कुछ महीनों से उनकी टीम काम कर रही है।
कांग्रेस के साथ बढ़ेगी रार?
ऐसा माना जा रहा है कि अखिलेश यादव का मन अब कांग्रेस से टूट चुका है। ऐसे में अब वो उन सीटों पर भी तगड़े प्रतायशी तलाश रहे हैं। जिन सीटों पर कांग्रेस की भी नजर बनी हुई है। अंदरखाने में यह भी चर्चा है कि अखिलेश यादव अगले महीने यानी दिसंबर के शुरुआती सप्ताह में इस बाबत पधाधिकारियों की एक मीटिंग भी बुला सकते हैं। जिसमें इस बात पर चर्चा होगी कि चुनाव में किसे टिकट दिया जाए। साथ ही सर्वे भी कराया जा सकता है।
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अखिलेश यादव ने चुनाव संबंधी तैयारियों को लेकर कुछ महीने पहले से ही अपनी गतिविधियों को बढ़ा दिया था। पार्टी ऑफिस में बेहतर उम्मीदवार को लेकर छानबीन और तलाश का दौर जारी था। हालांकि, यहां गौर करने वाली बात यह है कि तब अखिलेश यादव ने उन सीटों पर कोई ध्यान नही दिया था जिनपर कांग्रेस अपने उम्मीदर उतार सकती थी।
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हालांकि, अब तो पूरा खेल ही बदलता हुआ नजर आ रहा है। माना जा रहा है कि अखिलेश यादव जल्द ही कुछ नाम फ़ाइनल कर सकते हैं ताकि कांग्रेस पर दबाव भी बनाया जा सके।
