मुंबई: एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना की प्रवक्ता और विधायक डॉ. मनीषा कायंदे ने एक प्रेस कॉन्फ्रैंस इंडिया अलायंस पर जमकर निशाना साधा। मनीषा कायंदे ने कहा कि पांच राज्यों के चुनाव नतीजों के बाद विपक्ष के पैरों तले की जमीन खिसकनी शुरू हो गई है। दिल्ली में आज होने वाली इंडिया अलायंस की बैठक स्थगित कर दी गई है। क्योंकि इसके घटक दलों के प्रमुख प्रतिनिधियों, तृणमूल कांग्रेस पार्टी की ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस बैठक से मुंह मोड़ लिया है।
आलम ये है कि इंडिया अलायंस के घटक दल अब आपस में ही लड़ रहे हैं। चुनाव में हार का ठीकरा एक-दूसरे के माथे पर फोड़ा जाने लगा है। चारों तरफ से एक दूसरे पर हो रहे आरोप प्रत्यारोप से ऐसा लगता है की जैसे कोई गैंगवॉर चल रहा है।
इंडिया अलायंस में एकजुटता नहीं
इंडिया अलायंस के घटक दलों में कोई एकजुटता और सामंजस्य की कमी नजर आती है। इनमें कोई वैचारिक समानता नहीं है और उनका डीएनए कहीं भी मेल नहीं खाता है। परिवारवाद और वंशवाद के अलावा इनमें कोई समानता नहीं है। मैं और मेरा परिवार उनका नारा है और इसी तरह मेरा और मेरे बच्चों का भविष्य सुरक्षित करना यही इंडिया अलायंस में कांग्रेस और उबाठा (उद्धव बालसाहेब ठाकरे) पार्टी का नारा रहा है।
इसके चलते उनकी पार्टी में विवाद और गैंगवॉर शुरू है। लेकिन इस गैंगवार का पर्दाफाश खुद देश की जनता ने कर दिया है। आज हमें गद्दार, खोके कहने वाले बेनकाब हो गए हैं। परिवारवाद, लोगों की सेवा करने की मानसिकता की कमी और घटक दलों के बीच वैचारिक असमानता के कारण, इंडिया अलायंस को तीन राज्यों के चुनावों में हार मिली है।
नरेंद्र मोदी के हाथों में देश का भविष्य
मनीषा कायंदे ने कहा कि अब यह स्पष्ट हो गया है कि देश का भविष्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों में है। जिन तीन राज्यों में मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भाजपा सत्ता में आई, वहां जनता के कल्याण के लिए भाजपा का स्पष्ट एजेंडा था। एक पार्टी के रूप में उनके पास जनता के लिए क्या योजनाए है। ये उन्होंने अपने कार्य से कर के दिखाया। भाजपा ने समाज के हर वर्ग, महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों के लिए नई योजनाएं शुरू कीं। उन्होंने जन कल्याण का एजेंडा जनता के सामने रखा, इसीलिए जनता ने उन्हें विजयी बनाया।
जनता के लिए सरकारी योजनाएं
महाराष्ट्र में भी जहां शिवसेना महायुति में है, हम समाज के विभिन्न वर्गों के लिए विभिन्न योजनाएं लेकर आए हैं। जिसमें किसानों के लिए 1 रुपये में फसल बीमा, महिलाओं के लिए एसटी यात्रा पर 50% छूट, वरिष्ठ नागरिकों के लिए मुफ्त यात्रा, शिक्षा विभाग के लिए विभिन्न योजनाएं जैसी कई योजनाएं शुरू की गई हैं। इसके विपरीत, इंडिया अलायंस के पास ऐसा कोई एजेंडा, ऐसी कोई योजना नहीं है, इसीलिए जनता ने उन्हें खारिज कर दिया है।
