नवी मुंबई: विदेश में अच्छी नौकरी का सपना दिखाकर मानव तस्करी करने वाले गिरोह का एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। नवी मुंबई के तलोजा इलाके में रहने वाले एक युवक को कथित तौर पर पहले बैंकॉक ले जाया गया और बाद में म्यांमार में बेच दिया गया। पीड़ित युवक पिछले करीब एक महीने से म्यांमार में फंसा हुआ है और उसने वीडियो जारी कर भारत सरकार, महाराष्ट्र सरकार और पुलिस प्रशासन से सुरक्षित भारत वापस लाने की गुहार लगाई है।
परिजनों का आरोप है कि बेटे को छुड़ाने के नाम पर उनसे लगातार फिरौती जैसी रकम मांगी जा रही है। अब तक वे करीब 8 लाख रुपये भेज चुके हैं, लेकिन युवक की रिहाई नहीं हो सकी है।
परिवार ने कैंसर पीड़ित मां के गहने तक बेच दिए
परिजनों का कहना है कि साहिल को छुड़ाने के लिए लगातार पैसों की मांग की जा रही है। साहिल के पिता ने अपनी कैंसर से पीड़ित पत्नी का मंगलसूत्र और अन्य जेवर बेच दिए। परिवार अब तक करीब 8 लाख रुपये भेज चुका है, लेकिन इसके बावजूद युवक की रिहाई नहीं हुई। अब भी लगभग 80 हजार रुपये की अतिरिक्त मांग की जा रही है।
पुलिस और थाईलैंड दूतावास से लगाई गुहार
परिजनों ने पूरे मामले की जानकारी नवी मुंबई पुलिस और थाईलैंड स्थित भारतीय दूतावास/संबंधित अधिकारियों को देने की बात कही है। उनका आरोप है कि अभी तक कोई ठोस मदद नहीं मिल सकी है। (दूतावास से संबंधित कार्रवाई की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।)
VIDEO जारी कर लगाई मदद की अपील
म्यांमार में फंसे साहिल ने वीडियो जारी कर भारत सरकार, महाराष्ट्र सरकार, पुलिस प्रशासन और संबंधित एजेंसियों से सुरक्षित भारत वापस लाने की अपील की है। वीडियो में उसने अपनी स्थिति बताते हुए जल्द मदद की गुहार लगाई है।
विदेश में नौकरी दिलाने वाले गिरोहों से रहें सावधान
यह मामला एक बार फिर विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर सक्रिय मानव तस्करी और साइबर फ्रॉड नेटवर्क की गंभीरता को उजागर करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि विदेश में नौकरी स्वीकार करने से पहले कंपनी, वीजा, एजेंट और रोजगार से जुड़े दस्तावेजों की आधिकारिक जांच अवश्य करनी चाहिए।
