बीड: महाराष्ट्र के बीड जिले से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। माजलगांव तालुका के प्रसिद्ध तीर्थस्थल पुरुषोत्तमपुरी में दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं की नाव नदी में पलट गई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और श्रद्धालुओं के बीच अफरा-तफरी फैल गई। इस दुर्घटना में दो महिलाओं की मौत हो गई, जबकि कई अन्य श्रद्धालु घायल हुए हैं।
नदी पार करते समय बिगड़ा नाव का संतुलन
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक श्रद्धालुओं से भरी नाव नदी पार कर रही थी, तभी अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह पलट गई। नाव के पलटते ही कई लोग नदी में गिर गए। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और कई श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाला।
ओवरलोडिंग बनी हादसे की वजह?
हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल नाव में सवार श्रद्धालुओं की संख्या को लेकर उठ रहा है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार नाव में 35 से अधिक श्रद्धालु मौजूद थे, जबकि कुछ प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि करीब 50 लोग सवार थे। यदि जांच में यह दावा सही पाया जाता है तो क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाना हादसे की प्रमुख वजह माना जा सकता है।
दो महिलाओं की गई जान
इस हादसे में सिंदखेडराजा विधानसभा क्षेत्र के बिबी गांव की रहने वाली प्रमिला शेषराव राठौड़ (55) और कांताबाई ज्ञानोबा आंधले (60) की डूबने से मौत हो गई। हादसे की खबर मिलते ही दोनों परिवारों में शोक की लहर दौड़ गई।
कई श्रद्धालु घायल
नाव पलटने की घटना में कई श्रद्धालु घायल हुए हैं। घायलों को माजलगांव के सरकारी और निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार जारी है। कुछ लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी भी दे दी गई है।
ग्रामीणों, पुलिस और गोताखोरों ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। गोताखोरों और बचाव दल की मदद से राहत एवं खोज अभियान शुरू किया गया। कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि प्रशासन ने संभावित लापता लोगों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन जारी रखा।
चश्मदीद महिला ने बताई हादसे की कहानी
मौके पर मौजूद एक महिला चश्मदीद ने बताया कि नाव में जरूरत से ज्यादा लोगों को बैठाया गया था।
उन्होंने कहा, “नाव में बहुत ज्यादा लोग बैठे थे। भीड़ बढ़ने के कारण नाव का संतुलन बिगड़ गया और देखते ही देखते वह पलट गई। ऐसे धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान देना चाहिए।”
हादसे के लिए जिम्मेदार कौन?
हादसे के बाद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने नाव संचालन व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि नाव चालक ने क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाया, जिससे यह दुर्घटना हुई। लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
प्रशासन ने शुरू की जांच
प्रशासन ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि नाव की क्षमता, सुरक्षा व्यवस्था और हादसे के कारणों की विस्तृत जांच की जाएगी। यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुरुषोत्तमपुरी और आसपास के इलाके में शोक का माहौल है। श्रद्धालुओं से जुड़े इस दर्दनाक हादसे ने सुरक्षा व्यवस्था और नाव संचालन को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
