Mumbai News: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर सार्वजनिक स्थानों पर होने वाली धार्मिक गतिविधियों को लेकर बहस छिड़ गई है। बीजेपी नेता और पूर्व सांसद Kirit Somaiya ने मुंबई पुलिस कमिश्नर और बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) आयुक्त को पत्र लिखकर मुंबई की सड़कों पर नमाज अदा किए जाने के मामलों पर चिंता जताई है।
सोमैया ने अपने पत्र में दावा किया है कि मुंबई के कुछ इलाकों में सार्वजनिक सड़कों पर नमाज अदा किए जाने से ट्रैफिक प्रभावित होता है और आम नागरिकों को असुविधा का सामना करना पड़ता है। उन्होंने प्रशासन से इस विषय पर स्पष्ट नीति बनाकर कानून का समान रूप से पालन सुनिश्चित करने की मांग की है।
पत्र में क्या कहा?
सोमैया ने कहा कि मुंबई देश की आर्थिक राजधानी है, जहां हर दिन लाखों लोग सड़कों का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में यदि किसी भी धार्मिक आयोजन के कारण यातायात बाधित होता है तो प्रशासन को हस्तक्षेप करना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि सार्वजनिक सड़कें आम नागरिकों की सुविधा और यातायात के लिए होती हैं तथा किसी भी धर्म से जुड़ी गतिविधि यदि सार्वजनिक व्यवस्था को प्रभावित करती है तो उस पर समान नियम लागू होने चाहिए।

पहले भी उठा चुके हैं ऐसे मुद्दे
यह पहला मौका नहीं है जब किरीट सोमैया ने धार्मिक आयोजनों और सार्वजनिक स्थानों के उपयोग को लेकर प्रशासन को पत्र लिखा हो। इससे पहले भी वे मुंबई में सार्वजनिक स्थलों पर होने वाली विभिन्न गतिविधियों को लेकर प्रशासन से कार्रवाई की मांग कर चुके हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आगामी स्थानीय निकाय चुनावों से पहले ऐसे मुद्दे महाराष्ट्र की राजनीति में चर्चा का विषय बन सकते हैं।
क्या कहता है कानून?
भारत का संविधान सभी नागरिकों को धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार देता है। हालांकि सार्वजनिक व्यवस्था, कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है। ऐसे मामलों में प्रशासन को धार्मिक स्वतंत्रता और आम नागरिकों की सुविधा के बीच संतुलन बनाना होता है।
LPG Price Hike: 1 जून से महंगा हुआ कमर्शियल गैस सिलेंडर, अब रेस्टोरेंट में खाना पड़ सकता है महंगा
प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल मुंबई पुलिस और BMC की ओर से इस पत्र पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन इस मांग पर क्या रुख अपनाता है।
