मुंबई। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में BEST कर्मचारियों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रहने से शहर की रफ्तार पर बड़ा असर पड़ा है। रोजाना करीब 25 लाख यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने वाली BEST बस सेवा लगभग ठप हो गई है। शुक्रवार को हालात ऐसे रहे कि 2,766 बसों के पूरे बेड़े में से सिर्फ 48 बसें ही सड़कों पर उतर सकीं। इसके चलते बस स्टॉप, लोकल ट्रेन और मेट्रो स्टेशनों पर यात्रियों की भारी भीड़ देखने को मिली।
मुंबई की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में BEST बसों की अहम भूमिका है। ऐसे में हड़ताल का सीधा असर नौकरीपेशा लोगों, छात्रों, वरिष्ठ नागरिकों और रोजाना सफर करने वाले लाखों यात्रियों पर पड़ा है। कई लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त समय और पैसा खर्च करना पड़ा।
सिर्फ 48 बसें सड़कों पर, यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें
BEST प्रशासन के मुताबिक, शुक्रवार को केवल 48 बसें ही परिचालन में रहीं। इनमें BEST की 9 बसें और 39 वेट-लीज बसें शामिल थीं। सामान्य दिनों में हजारों बसों से चलने वाला शहर शुक्रवार को लगभग बसविहीन नजर आया।
बस सेवाएं प्रभावित होने के कारण बड़ी संख्या में यात्रियों ने लोकल ट्रेन और मेट्रो का रुख किया। कई प्रमुख स्टेशनों पर सामान्य दिनों की तुलना में अधिक भीड़ देखने को मिली। वहीं ऑटो और टैक्सी की मांग बढ़ने से यात्रियों को अतिरिक्त खर्च भी उठाना पड़ा।
हड़ताल क्यों कर रहे हैं कर्मचारी?
BEST कर्मचारियों की संयुक्त कार्रवाई समिति लंबे समय से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रही है। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी समस्याओं पर लगातार ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
प्रमुख मांगों में BEST के बजट का बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के साथ विलय, सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करना, सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लंबित बकाए का भुगतान, ठेका प्रणाली समाप्त करना और वेट-लीज व्यवस्था को खत्म करना शामिल है।
कर्मचारी संगठनों का दावा है कि जब तक इन मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
सरकार और यूनियनों की बैठक भी नहीं ला सकी समाधान
हड़ताल को समाप्त कराने के लिए महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने शुक्रवार को कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। बैठक के बाद कुछ समय के लिए उम्मीद जगी कि समाधान निकल सकता है, लेकिन देर रात 12 संगठनों की संयुक्त कार्रवाई समिति ने हड़ताल जारी रखने की घोषणा कर दी।
यूनियनों का कहना है कि बैठक में उनकी प्रमुख मांगों पर कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला। दूसरी ओर सरकार का कहना है कि कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए बातचीत का रास्ता खुला हुआ है।
हड़ताल के बीच हिंसा, 26 बसों को नुकसान
हड़ताल के दौरान कुछ अप्रिय घटनाएं भी सामने आईं। विभिन्न इलाकों में बसों पर पत्थरबाजी, टायर पंक्चर करने और शीशे तोड़ने की घटनाओं की जानकारी मिली है। अधिकारियों के अनुसार अब तक 26 बसों को नुकसान पहुंच चुका है।
स्थिति को देखते हुए कई डिपो और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है, ताकि बस सेवाओं को सुरक्षित तरीके से संचालित किया जा सके।
आज भी राहत के आसार कम
फिलहाल कर्मचारी संगठनों ने हड़ताल वापस लेने के कोई संकेत नहीं दिए हैं। ऐसे में शनिवार को भी BEST बस सेवाएं बड़े पैमाने पर प्रभावित रहने की संभावना है। यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आने वाले दिनों में लाखों यात्रियों की परेशानियां और बढ़ सकती हैं।
मुंबई की पहचान उसकी तेज रफ्तार जिंदगी से होती है, लेकिन BEST की हड़ताल ने फिलहाल इस रफ्तार को धीमा कर दिया है। अब मुंबईकरों की निगाहें सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच होने वाली अगली बातचीत पर टिकी हैं, जिससे इस संकट का कोई स्थायी समाधान निकल सके।
