नागपुर: महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) पर जमकर निशाना साधा है। उद्धव ठाकरे ने कहा कि गुजरात में सूरत डायमंड बोर्स (Surat Diamond Bourse) शुरू हो गया है। इसका सीधा असर मुंबई के हीरा कारोबार पर पड़ा है। प्रधानमंत्री महाराष्ट्र (Maharashtra) और देश की वित्तीय राजधानी यानी फाइनेंसियल कैपिटल मुंबई (Mumbai) को गुजरात शिफ्ट करने की तैयारी में हैं। उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) बोले कि पीएम ने अपने भाषण में यह भी कहा कि अगर गुजरात मजबूत होगा तो देश मजबूत होगा। उद्धव ठाकरे ने सवाल उठाया कि क्या वे सिर्फ गुजरात के हैं। उद्धव ठाकरे ने कहा कि आप गुजरात (Gujrat) के मुख्यमंत्री नहीं बल्कि देश के प्रधानमंत्री हैं।
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने अन्य विपक्षी दलों के साथ धारावी पुनर्विकास परियोजना के खिलाफ मार्च निकाला था। उस मार्च पर सत्ताधारी दलों ने आपत्ति जताई है। इसके मद्देनजर सोमवार को नागपुर विधान भवन क्षेत्र में मीडिया प्रतिनिधियों से बात करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि मोर्चे का विरोध करने वाले सब लोग अडानी के चमचे हैं।
उद्धव ठाकरे का पलटवार
उद्धव ठाकरे ने कहा कि अब हो रही है कि धारावी परियोजना के खिलाफ मार्च में शामिल लोग धारावी के ही नहीं थे। यह एक सेटलमेंट मार्च था। इस जवाब देते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा, ‘हम मुंबई से नहीं बल्कि चाँद से लोगों को लाए हैं। इस विरोध मार्च में बस बीजेपी नहीं थी अगर वो होते तो समझौता हो गया होता। उद्धव ठाकरे ने आरोप लगाया कि कुछ लोग मुंबई को बेचने के लिए अडानी के चमचे बन गए हैं। इस दौरान उन्होंने कहा कि इंडिया अलायंस की बैठक के लिए वो कल दिल्ली जायेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि बैठक का एजेंडा कल पता चलेगा।
हमारे पास सबूत हैं तो एसआईटी क्यों नहीं?
एकनाथ शिंदे सरकार पर निशाना साधते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि दाऊद के गुर्गे सलीम कुत्ता को लेकर विधायक नितेश राणे के विधानसभा में मामला उठाते ही एसआईटी द्वारा जांच की घोषणा कर दी गई। लेकिन, हमारे पास मंत्री गिरीश महाजन के उसी कार्यक्रम में नाचने के सबूत हैं। सदन में ये सबूत दिखाने के बाद भी सरकार हमें बोलने नहीं देती। उद्धव ठाकरे ने कहा कि हमारे पास जो सबूत हैं उसके आधार पर एसआईटी द्वारा मामले की जांच की जानी चाहिए।
छत्रपति की शपथ लेने वालों को चर्चा नहीं करनी चाहिए
एकनाथ शिंदे पर हमला बोलते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज की कसम खाने वालों को अब मराठा आरक्षण पर चर्चा नहीं करनी चाहिए। मराठा आरक्षण कैसे दिया जा सकता है? ये बताएं। इसके अलावा, अगर मराठों को किसी के आरक्षण को प्रभावित किए बिना आरक्षण मिलता है, तो हम सरकार के रुख का समर्थन करेंगे।
