मुंबई: देश में लोकसभा चुनाव की घोषणा हो चुकी है। हालांकि, महाविकास अघाड़ी ने अब तक सीटों बंटवारे की समस्या का समाधान नहीं किया है। औपचारिक घोषणा से पहले कुछ नेता कुछ सीटों के लिए दावेदारी कर रहे हैं। इससे महाविकास अघाड़ी में कलह और अधिक दिखने लगी है। फ़िलहाल पश्चिम महाराष्ट्र में एक सीट को लेकर कांग्रेस और शिवसेना के बीच खींचतान जारी है। कांग्रेस नेता विश्वजीत कदम ने साफ शब्दों में कहा है कि जिद मत करो, हमारा फैसला हो चुका है। उन्होंने इस सीट पर उद्धव ठाकरे गुट से अपना दावा वापस लेने को कहा है। दरअसल सांगली लोकसभा सीट पर ठाकरे समूह दावा कर रहा है।
इस पर विश्वजीत कदम ने कहा कि सांगली जिला, सांगली लोकसभा क्षेत्र देश की आजादी के बाद से कांग्रेस पार्टी का गढ़ रहा है। सांगली की धरती ने कांग्रेस की सोच के माध्यम से एक दूरदर्शी, सराहनीय नेतृत्व दिया है। जिस पर महाराष्ट्र और देश को गर्व होगा। इसलिए यह निर्वाचन क्षेत्र कांग्रेस पार्टी के पास रहना चाहिए।
एक उम्मीदवार कितनी सीटों पर चुनाव लड़ सकता है? जानिए क्या है नियम
कदम ने कहा कि एमवीए एक साथ आए यह अच्छी बात है। देश में सांप्रदायिक ताकतों को रोकने के लिए हम साथ में लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं। एमवीए में घटक दल के पास सांगली की सीट पर अधिकार जताने का कोई कारण नहीं है। यह निर्वाचन क्षेत्र कांग्रेस के पास ही रहेगा। यही हमारी मांग है।
ग्राम पंचायतों में 10 प्रतिशत भी ठाकरे समूह के सरपंच हैं?
विश्वनेजीत कदम ने कहा कि शिवसेना का सांगली लोकसभा क्षेत्र की मांग करना गलत है। सांगली कांग्रेस का गढ़ है। ठाकरे गुट को जिद नहीं करनी चाहिए। सांगली में 600 गाँव हैं, क्या ठाकरे समूह के पास ग्राम पंचायतों में 10 प्रतिशत भी सरपंच हैं? कांग्रेस पार्टी सांगली सीट से चुनाव लड़ने और जीतने में सक्षम है। महाविकास अघाड़ी में कांग्रेस, शरद पवार और ठाकरे समूह तीन पार्टियां हैं। किसी को भी एमवीए की भूमिका तय नहीं करनी चाहिए।
