मुंबई: बॉलीवुड में दौलत और शोहरत कमाने के बाद कई कलाकार राजनीति का रुख करते हैं। हेमा मालिनी, राज बब्बर, जया बच्चन, धर्मेंद्र, सनी देओल, उर्मिला मातोंडकर, गोविंदा जैसे नामों के ये फेहरिस्त भी बढ़ती जा रही है। लोकसभा और विधानसभा चुनाव के दौरान राजनीतिक पार्टियां इन कलाकारों को टिकट देती हैं। इनकी उम्मीदवारी की मीडिया में भी खूब चर्चा होती है। लोकप्रियता के कारण कलाकार अक्सर चुनाव जीतकर संसद या विधानसभा पहुंच जाते हैं।
कुछ कलाकार जनता द्वारा दिए गये मौके का फायदा उठाते हैं। बॉलीवुड के बाद अपने जीवन की दूसरी पारी में वह राजनीति में शामिल हो जाते हैं। दिवंगत अभिनेता सुनील दत्त और गोविंद इसे बेहतरीन उदाहरण हैं। सुनील दत्त आख़िर तक राजनीति में रहे। उन्होंने उनका एक अलग दायरा बनाया।
वहीं गोविंदा ने भी लोकप्रियता के चरम पर रहते हुए उत्तरी मुंबई से चुनाव जीता और लोकसभा पहुंचे थे। लेकिन उसके बाद उन्हें संसद और जनता के बीच में कम ही देखा गया। नतीजा यह हुआ कि उन्हें दूसरी बार टिकट नहीं मिला। बाद में उन्होंने खुद ही राजनीति छोड़ दी।
ऐक्टर्स को क्यों टिकट देती हैं राजनीतिक पार्टियां
कई बार किसी चुनाव क्षेत्र में किसी राजनीतिक दल की उतनी ताकत नहीं होती। ऐसे समय में राजनीतिक दल कलाकार की छवि और उसकी लोकप्रियता का फायदा उठाने करने की कोशिश करते हैं। इस तरह चुनाव जीतने से विधानसभा या लोकसभा में उस पार्टी एक सीट बढ़ जाती है। जैसे-जैसे संख्या सांसदों या विधायकों की संख्या बढ़ती है, पार्टी की स्थिति भी मजबूत होती जाती है।
इसके अलावा निर्वाचन क्षेत्रों में भी पार्टी का विस्तार किया जा सकता है। पश्चिम बंगाल में ज्यादातर कलाकार अब राजनीति में सक्रिय हैं। उन्होंने वहां अपनी एक अलग पहचान बनाई है। दक्षिण की राजनीति में सेट होने में कुछ अभिनेताओं को उनकी फिल्मी छवि ने बहुत मदद की। वहीं क्रिकेट और बॉलीवुड का राजनीति और मनोरंजन से गहरा संबंध है।
यह अभिनेत्री कौन है?
खबर है कि अब बॉलीवुड की एक और मशहूर अभिनेत्री मुंबई से चुनाव लड़ सकती है। चर्चा है कि बॉलीवुड की धकधक गर्ल माधुरी दीक्षित नेने राजनीति में सक्रिय होंगी। कहा जा रहा है कि मुंबई के पश्चिमी उपनगर से बीजेपी आगामी लोकसभा चुनाव के लिए माधुरी को टिकट देगी। हालांकि, मुंबई बीजेपी की ओर से इस चर्चा की पुष्टि नहीं की गई है।
