मुंबई। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (RPI) के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामदास आठवले ने रिपब्लिकन आंदोलन की एकता पर जोर देते हुए कहा कि समाज और पार्टी के हित में सभी रिपब्लिकन गुटों को समाप्त कर एक मजबूत रिपब्लिकन पार्टी का गठन किया जाना चाहिए।
मुंबई के घाटकोपर पश्चिम स्थित कच्छी कड़वा पाटीदार वाड़ी सभागृह में आयोजित सम्मान समारोह में बोलते हुए आठवले ने कहा कि संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों को आगे बढ़ाने के लिए रिपब्लिकन आंदोलन को एकजुट करना समय की आवश्यकता है।
रिपब्लिकन गुटबाजी से हुआ बड़ा नुकसान
रामदास आठवले ने कहा कि 3 अक्टूबर 1957 को डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के संकल्प के अनुरूप रिपब्लिकन पार्टी की स्थापना हुई थी, लेकिन समय के साथ इसके कई गुट बन गए। इससे समाज और पार्टी दोनों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।
उन्होंने कहा कि जो लोग स्वयं को आंबेडकरवादी मानते हैं लेकिन अन्य राजनीतिक दलों में काम कर रहे हैं, उन्हें रिपब्लिकन पार्टी में शामिल होकर आंदोलन को मजबूत करना चाहिए।
शिवसेना (UBT) कार्यकर्ताओं का RPI में प्रवेश
कार्यक्रम के दौरान शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधानसभा संपर्क प्रमुख मोहन वाघमारे के नेतृत्व में कई कार्यकर्ताओं ने रिपब्लिकन पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।
मोहन वाघमारे ने कहा कि रामदास आठवले का नेतृत्व दलितों और सवर्णों के बीच सामाजिक समरसता स्थापित करने वाला है। उन्होंने कहा कि आठवले देशभर के दलित-बहुजन समाज की आवाज को मजबूती से उठाते हैं और जरूरतमंदों को न्याय दिलाने के लिए लगातार संघर्ष करते हैं।
विद्यार्थियों को मुफ्त कॉपियों का वितरण
इस अवसर पर वरद विनायक समर्थ बहुउद्देशीय सेवा संस्था की ओर से केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले के हाथों गरीब और जरूरतमंद विद्यार्थियों को मुफ्त कॉपियों का वितरण भी किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन रिपब्लिकन पार्टी के प्रचार प्रमुख हेमंत रणपिसे ने किया। समारोह की अध्यक्षता मुंबई प्रदेश कार्याध्यक्ष बालासाहेब गरुड ने की।
बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद
कार्यक्रम में रिपब्लिकन पार्टी के महाराष्ट्र राज्य महासचिव गौतम सोनवणे, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष काकासाहेब खंबालकर, एडवोकेट बी.के. बर्वे, एम.एस. नंदा, जिला अध्यक्ष अजित रणदिवे, सोहेल शेख, प्रकाश जाधव, डॉ. निलेश बनसोडे, अनिल जाधव, राजेश सरकार, संदेश हाटे, महिला आघाड़ी की प्रदेश उपाध्यक्ष नैना वैराट, संस्था की अध्यक्ष श्रुति मनीष पाटील समेत अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
रामदास आठवले का यह बयान ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र की राजनीति में दलित राजनीति और आंबेडकरवादी संगठनों की भूमिका को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। ऐसे में रिपब्लिकन गुटों की एकता का उनका आह्वान राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
