रायगढ़: मुंबई–गोवा राष्ट्रीय राजमार्ग पर रविवार को एक बार फिर भीषण ट्रैफिक जाम देखने को मिला। रायगढ़ जिले के माणगांव–इंदापुर क्षेत्र में वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे मुंबई और पुणे से कोंकण जाने वाले यात्रियों को डेढ़ से दो घंटे तक जाम में फंसे रहना पड़ा। लगातार बढ़ती इस समस्या को लेकर यात्रियों और स्थानीय लोगों में प्रशासन के खिलाफ नाराज़गी दिखाई दी।
17 वर्षों से अधूरा पड़ा हाईवे निर्माण
मुंबई–गोवा हाईवे का निर्माण कार्य पिछले करीब 17 वर्षों से जारी है, लेकिन अब तक कई हिस्सों में काम अधूरा पड़ा है। कई जगह सड़क निर्माण अधूरा होने के कारण एकतरफा यातायात व्यवस्था लागू करनी पड़ रही है। इसी वजह से छुट्टियों और पर्यटन सीजन में ट्रैफिक दबाव बढ़ते ही लंबा जाम लग जाता है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि हर साल यही समस्या दोहराई जाती है, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नजर नहीं आता।
माणगांव–इंदापुर क्षेत्र में सबसे ज्यादा असर
रविवार को सबसे ज्यादा ट्रैफिक दबाव माणगांव–इंदापुर क्षेत्र में देखने को मिला। कोंकण की ओर जाने वाले पर्यटकों, चाकरमानियों और निजी वाहनों की संख्या बढ़ने से यातायात बेहद धीमी गति से चलता रहा।
कई किलोमीटर तक गाड़ियों की कतारें लगी रहीं। वाहन चालकों को आगे बढ़ने के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा, जिससे लोगों की यात्रा काफी प्रभावित हुई।
गर्मी में बच्चों और बुजुर्गों की हालत खराब
भीषण गर्मी के बीच घंटों तक वाहनों में फंसे रहने से छोटे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ी। कई यात्रियों ने सोशल मीडिया पर वीडियो और तस्वीरें साझा कर प्रशासन की तैयारियों पर सवाल उठाए।
लोगों का कहना है कि पर्यटन सीजन और छुट्टियों के दौरान अतिरिक्त ट्रैफिक की संभावना पहले से होती है, इसके बावजूद पर्याप्त ट्रैफिक प्रबंधन नहीं किया जाता।
अधूरे फ्लाईओवर और संकरे रास्ते बने बड़ी समस्या
वाहन चालकों के अनुसार हाईवे पर कई फ्लाईओवर अब भी अधूरे हैं और कई हिस्सों में सड़क बेहद संकरी है। इसके अलावा वैकल्पिक मार्गों की कमी भी ट्रैफिक जाम की बड़ी वजह बन रही है।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि मुंबई–गोवा हाईवे का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर पूरा किया जाए, ताकि हर साल होने वाली इस परेशानी से राहत मिल सके।
प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग
हर साल छुट्टियों, त्योहारों और पर्यटन सीजन के दौरान मुंबई–गोवा हाईवे पर जाम की समस्या गंभीर रूप लेती जा रही है। ऐसे में अब कोंकणवासियों और यात्रियों की निगाहें सरकार और प्रशासन पर टिकी हैं कि आखिर इस समस्या का स्थायी समाधान कब निकलेगा।
