मुंबई। भारतीय संविधान के शिल्पकार और सामाजिक न्याय के प्रतीक डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की प्रतिमा नवी मुंबई में स्थापित किए जाने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ रही है। इस मुद्दे को लेकर रिपब्लिकन पार्टी के कार्यकर्ताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास आठवले को ज्ञापन सौंपा।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि देश के लगभग हर जिले, सरकारी कार्यालय, अस्पताल और प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर डॉ. आंबेडकर की प्रतिमाएं स्थापित हैं, लेकिन नवी मुंबई जैसे आधुनिक और विकसित शहर में अब तक उनकी प्रतिमा नहीं लगाई गई है। इसे लेकर आंबेडकरवादी समाज में लंबे समय से नाराजगी है।
प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि नवी मुंबई के बेलापुर स्थित कोकण भवन के सामने डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की भव्य प्रतिमा स्थापित करने के लिए प्रशासन तत्काल भूमि उपलब्ध कराए। उनका कहना है कि संविधान निर्माता के सम्मान में नवी मुंबई में भी एक प्रमुख स्मारक और प्रतिमा होनी चाहिए।
इस पर केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि वे स्वयं इस मामले को आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि वे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर इस मांग को उनके समक्ष रखेंगे और बेलापुर में कोकण भवन के सामने प्रतिमा स्थापना के लिए सरकारी जमीन उपलब्ध कराने का प्रयास करेंगे।
आठवले ने कहा कि डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर का देश के निर्माण में ऐतिहासिक योगदान रहा है और उनके सम्मान से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस मांग पर व्यक्तिगत रूप से ध्यान देकर सरकार का ध्यान आकर्षित करेंगे।
ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में रिपब्लिकन पार्टी के नवी मुंबई जिला अध्यक्ष महेश खरे, बालासाहेब मिरजे, युवा जिला अध्यक्ष यशपाल ओव्हाल, एल.आर. गायकवाड़, तिलक जाधव, अभिमान जगताप, अशोक गायकवाड़ समेत अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे।
